पेट गैस की आयुर्वेदिक दवा

Home remedies for acidity in hindi आज के मॉडर्न जमाने में लोग बर्गर, चाऊमीन,मोमोज खाने वाले लोग सेहत से ज्यादा अपने खाने के टेस्ट पर ध्यान देते हैं। खाने में टेस्ट लाने के लिए लोग तरह-तरह के मसालों एवं अत्याधिक तेल का इस्तेमाल करते हैं जिसमें से कुछ मसाले एवं अधिक तेल की मात्रा पेट के लिए अत्यधिक खतरनाक साबित होते हैं। इन हानिकारक खाद्द पदार्थों एवं अनियंत्रित दिनचर्या की वजह से लोग अक्सर पेट की गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, जैसी समस्या से ग्रसित हो जाते हैं। जिसके कारण वो अपना बेशकीमती धन एवं समय इस समस्या को खत्म करने में व्यर्थ में ही नष्ट करते रहते हैं। जबकि देखा जाए तो इन समस्याओं का आयुर्वेदिक उपचार हर भारतीय व्यक्ति की रसोई में मौजूद रहता है। लेकिन अज्ञानता के कारण घर की रसोई में ही उपलब्ध इन आयुर्वेदिक औषधियों से कोई लाभ नहीं उठा पाते हैं। यदि आप भी अपनी गलत जीवन शैली एवं गलत खान खान पान के कारणों से ऊपर बताए गए समस्या से ग्रसित हैं तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं। इस पोस्ट में आपको पेट गैस की आयुर्वेदिक दवा एवं कब्ज की आयुर्वेदिक दवा के संबंध में पूरी जानकारी दी जाएगी।

photo आयुर्वेद

introduction to आयुर्वेद-आगे बताई जाने वाली जानकारी को इस्तेमाल करके आप घर पर ही उपलब्ध तमाम बहुमूल्य जड़ी बूटियों से स्वयं अपना आयुर्वेद ilaj कर सकते हैं। ये जड़ीबूटियां हमारे पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक साबित होती हैं इनका इस्तेमाल करके Acidity को कुछ ही छणों में खत्म किया जा सकता है। आज हम आपको रसोई में हमेशा उपलब्ध रहने वाले अदरक, धनिया, जीरा, त्रिफला, अजवाइन, हींग की सहायता से पेट की गैस के घरेलू उपाय को बताएंगे जो कि इस प्रकार से हैं।

हरी इलायची जीरा सौंफ के आयुर्वेदिक fayde

Home remedies for Gas हरी इलायची, जीरा, सौंफ से बनाए गए पेय के इस्तेमाल से पेट में होने वाली गैस्टिक की समस्या से निजात पाया जा सकता है। हरी इलायची और जीरा गैस्ट्रिक की खराबी को दूर करने में काफी ज्यादा मददगार साबित होते हैं जबकि सौंफ़ शरीर के अंदर मौजूद दूषित जल को पेशाब के मार्ग से बाहर करने का कार्य करता है। इसके अलावा सौंफ के बीजों के अंदर आयुर्वेद oil पाया जाता है। जो गैस्ट्रिक एंजाइम को बढ़ाकर पाचन प्रक्रिया को मजबूत करने का बेहतरीन काम करता है। इस आयुर्वेदिक दवा का उपयोग दिन में दो से तीन बार करने से पेट की गैस का रामबाण इलाज किया जा सकता है।

हरी इलायची जीरा सौंफ का पेय बनाने की विधि

  • एक चम्मच हरी इलायची एक चम्मच जीरा एक चम्मच सौंफ को एक कप में निकाल ले।
  • इन तीनों को एक गिलास पानी में 30 मिनट तक उबालें।
  • अच्छी तरह से उबल जाने के बाद ठंडा होने के लिए रख दें।
  • ठंडा हो जाने के बाद किसी साफ सूती कपड़े से छानकर पानी को अलग कर लें।
  • खाना खाने के बाद इस पेय को इस्तेमाल करें
  • बेहतर परिणाम के लिये दिन में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

अदरक से पेट की गैस का इलाज

आयुर्वेद article in hindi- आपकी रसोई में हमेशा उपलब्ध रहने वाला जिंजर(अदरक) भी एक आयुर्वेद medicine है। अदरक के अंदर प्रचुर मात्रा में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जो आंतों के अंदर अतिरिक्त गैस का उत्पादन करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में काफी मददगार साबित होते हैं।

प्रयोग करने की विधि– अदरक की एक छोटी कली को पीस कर एक चम्मच नींबू रस के साथ में खाना खाने के बाद दिन में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल से पाचन क्रिया मजबूत होगी और पेट में बनने वाली अत्यंत कष्टकारी गैस की समस्या से आसानी से निजात मिल जाएगी।

liquor with ice cubes and slice of yellow fruit
गैस की दवा Photo by Toni Cuenca on Pexels.com

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हींग से पेट की गैस का इलाज

गैस की दवा का नाम आयुर्वेदिक-अन्य बहुमूल्य औषधियों की तरह ही हींग भी एक बहुपयोगी औषधि है जिसका इस्तेमाल भोजन में टेस्ट को बढ़ाने के साथ-साथ पेट की बदहजमी, गैस, पेट की अम्लीयता को कम करने के लिए भी किया जाता है।ये आयुर्वेदिक jadi buti आसानी से हमारी रसोई या आसपास की छोटी मोटी परचून की दुकानों पर मिल जाती हैं।हींग के अंदर एंटी फ्लेटूलेंट गुड़ प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो पेट में अतिरिक्त गैस का उत्पादन करने वाले बैक्टीरिया को कम करने का काम बहुत ही आसानी से करते हैं। इस्तेमाल की विधि– खाना खाने के बाद आधा चम्मच हींग को गर्म पानी के साथ में इस्तेमाल करना चाहिए। हींग को एक तरह से पेट की गैस की अचूक दवा माना जाता है इसकी मदद से पेट की गैस का तुरंत इलाज किया जा सकता है।

जीरा से पेट की गैस का इलाज

रसोई में हमेशा उपलब्ध रहने वाले जीरा से गैस की समस्या से निजात पाई जा सकती है। क्योंकि इसके अंदर oil आयुर्वेद पाया जाता है जो हमारी पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करने में काफी ज्यादा कारगर साबित होता है। पेट की अन्य समस्याओं के उपचार में आयुर्वेदिक churan को बनाने में जीरा का भरपूर उपयोग किया जाता है। क्योंकि ये पेट की कई बीमारियों को दूर करने की ताकत अपने अंदर रखता है।विधि- एक चम्मच जीरा को आधा गिलास पानी में अच्छी तरह से उबाल लें। उबल जाने के बाद साफ कपड़े से पानी को अलग कर ले। खाना खाने के बाद इस पेय को पियें अप्रत्याशित लाभ मिलेगा। जीरा के इस तरह से इस्तेमाल करने से पाचन संबंधी कई रोगों का जड़ से सफाया हो जाता है।

अनार काली मिर्च सोंठ नमक का चूर्ण

1- अनारदाना 25 ग्राम
2- काली मिर्च 25 ग्राम
3- सोंठ 25 ग्राम
4- नमक लाहौरी 25 ग्राम
सबको पीस कर रख लें दोनों वक़्त खाने के बाद एक चुटकी पानी से खा लें,पेट की गैस,पेट दर्द,खाने को हजम करने वाला,पेट फूलने में बहुत कारामद है,बच्चे,बुजुर्ग,ख़वातीन सब इस्तेमाल कर सकते हैं,बच्चों को आधी चुटकी दें।ये नुस्खा doctor आयुर्वेद का आजमाया हुआ है। ये चूरन कब्ज एवं गैस में अत्यंत लाभदायक होता है।

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